फ़ैसलों का गुजराती ढोकला

मोदी जी ने आज अपने चुनाव क्षेत्र बनारस का हाल जानने के लिए वहां के भाजपा नेताओं को फोन किया। फोन पर बातचीत के दौरान बनारस के जिला भाजपा अध्यक्ष ने मोदी से कहा कि मास्क बनवाने की जरूरत है....

मोदी जी ने उन्हें बीच में ही रोकते हुए कहा - ज्यादा खर्च करने की जरूरत नहीं है। अपने इलाके में जो तौलिया या गमछा चलता है, उसी को मुंह पर लपेटिए। वही बेहतरीन मास्क है।
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मोदी जी के इस सुझाव में बुराई नहीं देखनी चाहिए। ...पूरे देश को मुंह पर गमछा या तौलिया बांध लेना चाहिए।...बल्कि कुछ दिन के लिए गमछे को राष्ट्रीय रूमाल घोषित कर देना चाहिए। 

चाहे उसे मुंह पर बांधो और अगर पेट खाली है तो उसमें अपने आंसू भी पोंछ लो। महंगाई में इससे सस्ता जुगाड़ और कहां मिलेगा।

लेकिन इन भाजपाइयों को जरा भी शर्म नहीं आती। राष्ट्रीय संकट की घड़ी में मोदी जी से मास्क मांग रहे हैं। 

बहरहाल, मास्क की जगह गमछे जैसा सुझाव मैं भी देशवासियों को देना चाहता हूं।

मसलन...सेनिटाइजर नहीं है...जमीन पर हाथ रगड़िए फिर पानी से हाथ धो लीजिए।

वेंटिलेटर नहीं है...तो अनुलोम विलोम कीजिए....

मुझे याद आ रहा है दिल्ली के रामलीला मैदान में भाजपा की वह रैली जिसमें आए लोगों ने कहा था कि हम भूखे रह लेंगे, हम बेरोजगार रह लेंगे लेकिन हमें राम मंदिर चाहिए।...

अब देश पर आपदा आई है तो उन लोगों में वो त्याग की भावना कहां गई। इन लोगों को मास्क चाहिए, सेनिटाइजर चाहिए, वेटिंलेटर चाहिए...हद होती है। 

ऐसे भाजपाइयों को एहसानफरामोश न कहें तो क्या कहें...इन लोगों को खबरों का पता भी नहीं रहता। मसलन सरकार ने मास्क और वेंटिलेटर पर आयात शुल्क यानी इंपोर्ट ड्यूटी हटाने का फैसला आज गुरुवार को लिया। 

अब इतने बड़े देश में ऐसे महत्वपूर्ण फैसले लेने में देर लगना मामूली बात है। अब देखिएगा सरकार ने आज इस पर कंट्रोल ड्यूटी हटा लिया है तो चाइना का माल पहुंचने में देर नहीं लगेगी। 

देश को धैर्य रखना चाहिए। मोदी जी के राज में देर है....लेकिन अंधेर नहीं है। या ये भी कह सकते हैं कि कांग्रेस जैसा तीतर बटेर नहीं है। फैसलों का गुजराती ढोकला ख्लाली पुलाव के साथ खाते रहिए, बहुत मजा आएगा






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