Saturday, April 28, 2018

लालकिले की आड़ में डालमिया का पीआर


मोदी सरकार ने लालकिला अगर डालमिया ग्रुप को 25 करोड़ रुपये में गोद दे दिया है तो इसमें हर्ज क्या है...देख रहा हूं सुबह से इसी पर सारे लोग ज्ञान बघार रहे हैं...

बात सिर्फ इतनी सी है कि ब्यूरोक्रेसी और कॉरपोरेट मिलकर इस तरह का खेल करते रहते हैं। ये सारी चीजें विशुद्ध संपर्क बढ़ाने या पीआर के लिए की जाती हैं।...

डालमिया ग्रुप के लिए 25 करोड़ कुछ नहीं है...लेकिन इसके बदले इसके मालिक उन सारी सरकारी मीटिंगों में बैठेंगे, मंत्रियों से बात करेंगे...प्रधानमंत्री के साथ फोटो खिचेंगी। ...

अगर डालमिया ग्रुप का मालिक सीधे प्रधानमंत्री के पास जाएगा तो शायद मुलाकात भी न हो सके...लेकिन लालकिले को खूबसूरत बनाने के नाम पर यह मुलाकात संभव है....

हो सकता है कि वह मोदी को तरकीब बताए कि इस बार 15 अगस्त पर जब आप आखिरी भाषण देंगे तो आपके बगल में मिशन 2019 का एक गुब्बारा लहराता रहेगा, ताकि देश के करोड़ों लोगों तक आपका संकेत सीधे पहुंच जाए और मोदी जी डालमिया ग्रुप के मालिक के लिए फौरन पद्मश्री वगैरह का इंतजाम कर दें...

क्या आपको वित्त मंत्रालय का वह कार्यक्रम याद है जिसमें गोल्ड स्कीम लान्च की गई थी और जिसमें अपने मेहुल भाई भी बैठे हुए थे। आखिर मेहुल, नीरव मोदी सत्ता के गलियारे तक कैसे पहुंचे...ऐसे ही छोटे-छोटे पीआर कार्यक्रमों के जरिए...विजय माल्या फ्राड को राज्यसभा का मेंबर किन राजनीतिक दलों ने बनवाया...जाहिर है कि वह सुंदर मॉडल्स के साथ कैलेंडर निकालता था जिसे हर पार्टी का नेता बड़ी उत्सुकता से देखता था...विजय माल्या मॉडल्स का इस्तेमाल अपने पीआर के लिए करता था...नेता और बैंकों के चेयरमैन उसके पास ऐसे ही भागे नहीं चले आते थे...गौर से देखिए पीआर की बारीकी को...

अंडरवर्ल्ड सरगना दाउद इब्राहीम को तो आप भूल ही गए।...उसका जबरदस्त पीआर बॉलिवुड की एक्ट्रेस और एक्टरों के जरिए चलता था। जिन दिनों दाउद मुंबई में था, उन दिनों कौन सा ऐसा नेता नहीं था जो दाउद के यहां हाजिरी लगाता था।...

चौधरी देवीलाल के जमाने में हरियाणा में मुख्यमंत्री सूखा राहत कोष के लिए फंड जुटाने को नेता, पत्रकार, बॉलिवुड दलाल का पूरा नेक्सस खड़ा किया गया। ये लोग हर जिले में डीएम और एसएसपी से चंदा उगाहने के लिए दबाव बनाते थे और बदले में बॉलिवुड की सी ग्रेड की एक्ट्रेस उपलब्ध रहती थीं। मैं उन दिनों हरियाणा कवर करता था। वह खबर मैंने बहुत नजदीक से कवर की थी।

मौजूदा दौर पीआर का है। कॉरपोरेट हो या मीडिया...सभी को अपना पीआर ठीक रखना है। पीआर से माल आता है...पीआर से माल यानी पैसा भी बनाया जाता है।...नीरा राडिया टेप केस आप लोग भूल ही चुके हैं। वह भी पीआर एजेंसी चलाती थी। टाटा ग्रुप समेत कई और कंपनियों का पीआऱ उसी के पास था।...उसी दौरान 2 जी स्पेक्ट्रम घोटाला सामने आया था, जिसने कई इतिहास रचे।

दरअसल, मौजूदा सरकार हो या पिछली सरकार रही हो, यह कॉरपोरेट का मूड समझती है। रिलायंस ग्रुप की प्रधानमंत्री तक सीधी पहुंच के बावजूद इस कंपनी ने अलग से तमाम मंत्रालयों तक सीधी पहुंच के लिए पीआर एजेंसियों की सेवाएं ले रखी हैं। एक नामी क्रिकेट खिलाड़ी, एक नामी बॉलिवुड एक्ट्रेस और एक्टर भी रिलायंस की पीआर करते हैं। बॉलिवुड एक्ट्रेस तो मौजूदा सरकार की खास पसंद बनती जा रही है।...

सलमान खान, उनके पिता सलीम खान और एक्ट्रेस श्रद्धा कपूर ऐसे ही नहीं मोदी के साथ पतंग उड़ाने पहुंच गए थे। वह एक पीआर कंपनी के दिमाग की उपज थी। ...और वह पतंग बहुत बड़ा संदेश दे गई। सलमान का पीआर संभालने वाली कंपनी ने ही सलमान से हर गणेश चतुर्थी पर जाकर डांस करने और अपनी खुशी का इजहार व्यक्त करने को कहा था। जब सलमान ने इसकी शुरुआत की तो उस समय वह नेगेटिव छवि के चरम पर थे। गणेश चतुर्थी पर उनके डांस ने उनकी इमेज रातोंरात बदल दी।...
मोदी अभी लंदन गए तो वहां एक कार्यक्रम में प्रसून जोशी प्रधानमंत्री से सवाल पूछते नजर आए। प्रसून जोशी भारत में एक बहुत बड़ी विज्ञापन एजेंसी के कंट्री हेड हैं। पिछले लोकसभा चुनाव में भाजपा के विज्ञापनों का प्रचार अभियान प्रसून जोशी और पीयूष पांडे के पास था। पीयूष पांडे को पिछले साल पद्मश्री मिल चुकी है। पीयूष पांडे दुनिया की सबसे नामी विज्ञापन एजेंसी ओगिलवी के एशिया हेड हैं।

...इसलिए लालकिला या ताजमहल को अगर कोई कॉरपोरेट गोद ले रहा है तो वह सिर्फ पीआर के लिए ही किया जाने वाला खेल है। आप सोचिए कि डालमिया ग्रुप के 25 करोड़ रुपये भारत सरकार के लिए क्या मायने रखते हैं...इस पैसे को ब्याज समेत कैसे वसूलना है या कॉरपोरेट जानता है।

अपने प्रोफेशनल जीवन में झांकिए। आप कोई बड़ी या छोटी नौकरी करते होंगे। ...अगर अपने बॉस से आपकी नहीं पटती है तो यही कहा जाता है कि आपका पीआर अच्छा नहीं है। आपकी काबिलियत या ईमानदारी सब दो कौड़ी की, पीआर अच्छा नहीं तो कुछ भी नहीं।...इस पीआर को आम शब्दों में कहें तो संबंध बेहतर बनाना। अगर बॉस बदमाश है या बेईमान है या बहुत गुस्से वाला है, इसके बावजूद उससे बेहतर कोई और बॉस नहीं है, पीआर का यह मूल मंत्र है। ...अरे साहब, अब तो मॉडर्न थिंकर तो पत्नी या गर्ल फ्रेंड से भी बेहतर पीआर के मंत्र देने लगे हैं। ऐसे थिंकरों ने पीआर को एकदम देसी भाषा में कहा है - तुम्हारी भी जय-जय, हमारी भी जय-जय।

अच्छा चलता हूं।...दुआओं में याद रखिएगा...मुझे अपना पीआर करने दीजिए...आप अपना पीआर कीजिए...सलाह मशविरे के लिए संपर्क कर सकते हैं। कोई फीस नहीं है।

बहरहाल, जब देश में कमीशनखोर और राष्ट्रवादी एक ही घाट पर पानी पीने लगें तो उनके लिए जनकवि अदम गोंडवी साहब कह गए हैं...

जो डलहोजी न कर पाया वो ये हुक्काम कर देंगे कमीशन दो तो हिन्दुस्तान को नीलाम कर देंगे ये वन्दे मातरम् का गीत गाते हैं सुबह उठ कर मगर बाज़ार में चीज़ों का दुगना दाम कर देंगे (कवि रामनाथ सिंह 'अदम' गोंडवी)


















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