देशभक्ति चौराहे पर नुमाइश की चीज नहीं

राष्ट्रप्रेम सिर्फ तिरंगा लहराने से नहीं व्यक्त होता है...यह दिल से महसूस करने की चीज होती है...

देशभक्ति की नुमाइश चौराहों पर नहीं की जाती...सियाचिन के बर्फीले पहाड़ों में की जाती है...

जुमलेबाजी राजनीतिक सभाओं में शोभा देती है...जनता से मजाक करने के लिए नहीं की जाती...

और आज जो खबरों में है...

बीजेपी आईटी सेल की नींव रखने वाले एक्सपर्ट प्रद्युत बोरा ने BJP को नमस्ते कह दिया है...और जाते-जाते प्रधानमंत्री मोदी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के काम करने के तरीके पर सवाल भी उठाया है...उनका कहना है कि पागलपन ने पार्टी को जकड़ लिया है...

मित्रों...देशभक्तों...इससे सख्त टिप्पणी तो अभी तक बीजेपी के खिलाफ विपक्ष तक ने नहीं की है। किसी ने पागलपन शब्द का इस्तेमाल बीजेपी के लिए नहीं किया है... हम आईटी एक्सपर्ट को उनके इस शब्द के लिए शाबाशी नहीं दे रहे हैं...क्योंकि जब उन्होंने इस पार्टी को ज्वाइन किया था, तभी हमें लगा था कि इतना जीनियस आदमी भला इस पार्टी में कैसे रहेगा...लेकिन वह दिल की बात दिल में रही...लेकिन बोरा का दर्द बाहर आ गया। इससे पहले प्रशांत किशोर ने भी मोदी का साथ छोड़कर बिहार चुनाव के वक्त नीतीश कुमार का साथ दिया था...अगर अपने-अपने क्षेत्रों के जाने-माने विशेषज्ञ बीजेपी का साथ छोड़ रहे हैं तो इसे क्या माना जाए...जबकि इन लोगों ने ही बीजेपी के उस जुमले को कि --अच्छे दिन आने वाले हैं, हम मोदी जी को लाने वाले हैं --- को घर-घर में पहुंचा दिया था...

...पर, अभी भी कुछ नहीं बिगड़ा है। ठीक से काम करो, सरकार चलाओ। आरएसएस की नीतियों के बजाय किसानों के बारे में सोचो...बढ़ती महंगाई के बारे में सोचो, बेरोजगारी के बारे में सोचो, अखंड राष्ट्र की कल्पना को तिलांजलि दे दो, बैंकों को लूटने वाले कॉरपोरेट्स को टॉफियां बांटना बंद कर दो, फर्जी अर्थशास्त्रियों से छुटकारा पा लो...आवारा पूंजीवाद को बढ़ावा मत दो...सब ठीक हो जाएगा...

...और हां कन्हैया से माफी मांग लो, जेएनयू के स्टूडेंट्स से माफी मांग लो...रोहित वेमुला के हत्यारों को सजा दो...देश तुम्हें सरकार चलाने तक माफ कर देगा...माफी मांग कर तो देखो...

बीजेपी के आईटी एक्सपर्ट के इस्तीफे के संदर्भ में पूरी खबर इसी लाइन पर क्लिक करके पढ़ सकते हैं... 

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