Sunday, August 2, 2015

आप भी तो शीशे के घर में रह रहे हैं...



-क्या इस महान देश के अपने ही कुछ लोग कुल्हाड़ी लेकर यहां के लोकतंत्र का गला घोंटना चाहते हैं...

-क्या हमने कुछ बंदरों को ऐसा हथियार थमा दिया है जिससे वे अपना ही गला काटने पर उतारू हैं...

-ताजा हालात इस तरफ इशारा कर रहे हैं। यह अकेले मेरा सरोकार नहीं है। आप अखबार उठाइए...आप टीवी पर खबरें देखिए-सुनिए...आप फेसबुक और ट्विटर जैसे सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म पर जाइए...चारों तरफ ऐसा लगता है कि कुछ अंध देशभक्त कुकुरमुत्ते की तरह पैदा हो गए हैं और उन सब ने मिलकर इस महान देश की आत्मा को झिंझोड़ना का ठेका ले लिया है...

-मुंबई बम धमाकों में मुजरिम पाए गए याकूब मेमन को फांसी दे दी गई। आपने मुंबई ब्लास्ट में मारे गए 257 लोगों के साथ इंसाफ भी कर दिया लेकिन उस मुजरिम के जनाजे में शामिल होने वाले 8000 लोगों पर त्रिपुरा का गवर्नर शक जता रहा है...वह कह रहा है कि ये संभावित आतंकवादी हो सकते हैं...इन पर नजर रखी जाए...

-दिल्ली के किरोड़ीमल कॉलेज में मुजफ्फरनगर दंगों पर एक डॉक्युमेंट्री दिखाई जा रही थी, संघ से जुड़े संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने उसे दिखाने से रोक दिया और कहा कि यह फिल्म राष्ट्रीय हितों के खिलाफ है...

...सुप्रीम कोर्ट के डिप्टी रजिस्ट्रार पी. सुरेंद्रनाथ ने फांसी की सजा का विरोध करते हुए इस्तीफा दे दिया। टाइम्स आफ इंडिया ने इस खबर को अपनी वेबसाइट पर लगाया तो कुछ लोगों ने उस पर गालियों की बौछार कर दी। याद रहे कि सुरेंद्रनाथ ने याकूब की नहीं बल्कि फांसी की सजा पर रोक की मांग की है।

-अल्पसंख्यकों को कई बार पाकिस्तान भेजने वाली धमकी इतनी ज्यादा हो गई है कि उसका बार-बार उल्लेख करना बेवकूफी होगा...

-आज सुबह लखनऊ से फोन था...बहुत रंज और गमगीन आवाज। ...उधर से कहा गया...क्या हम लोग एक बार फिर एक और बंटवारे की तरफ बढ़ रहे हैं।...मैं चौंका।...फोन जहां से था, वो लोग कट्टर देशभक्त और सेकुलर माने जाते हैं...मेरा जवाब था...क्या वाकई आपको इस देश के संविधान और अदालत से कोई खतरा महसूस हुआ जो आप लोग इस तरह की बात कह रहे हैं...उन्होंने कहा, शायद आपने त्रिपुरा के गवर्नर का ट्वीट नहीं पढ़ा है... मैंने कहा कि हो सकता है कि वह गलती से या किसी सूचना के आधार पर यह बात कह रहे हों...लेकिन फोन करने वाले बहस को तैयार थे, उन्होंने कहा कि यह बात महाराष्ट्र के गवर्नर या मुख्यमंत्री कहते तो बात समझ में आती कि शायद उनके पास खुफिया सूचना रही होगी लेकिन नॉर्थ ईस्ट में बैठे गवर्नर को यह सूचना भला क्यों और कैसे मिल गई।...मेरे पास उनकी बातों का जवाब नहीं था।...

-फिर मैंने उस रात को याद किया जो याकूब मेमन की फांसी के फैसले की रात थी। देर रात नागपुर औऱ दिल्ली से लगभग सभी न्यूज चैनल लाइव थे। नागपुर से एक टीवी रिपोर्टर ने जो पहली रिपोर्ट लाइव की उसमें वह बता रहा था कि यहां ऐसा लग रहा है जैसे कोई तमाशा चल रहा हो और लोग भारत माता की जय और अन्य नारे लगा रहे हैं, जिससे माहौल बिगड़ सकता है।...

-रात को तमाम फोटोग्राफ देखते हुए, मेरी नजर वायर सर्विस एपी की एक फोटो पर पड़ी, जिस पर लिखा था कि यह फोटो कृपया न छापें, इस पर मुंबई पुलिस ने रोक लगा दी है। ...दिल्ली से प्रकाशित एक अंग्रेजी अखबार को छोड़कर किसी ने भी एपी एजेंसी के उस फोटो को छापने की हिम्मत नहीं जुटाई।...वे अखबार जो इमरजेंसी में लगी सेंसरशिप के नाम पर आज तक टेसुए बहाते हैं, वे खामोश रहे या तटस्थ रहे।

...आज वरिष्ठ पत्रकार और स्तंभकार आकार पटेल का लेख आया। मेरी नजर में उस लेख को भारत के हर नागरिक को पढ़ना चाहिए।...उस लेख की कुछ चुनिंदा लाइनों को मैं ज्यों का त्यों आप लोगों के लिए यहां पेश कर रहा हूं।...

...ये मुंबई में हुए ब्लास्ट की पृष्ठभूमि है. इस तरह याकूब मेमन की फांसी समाज को बांटने वाली है और साथ ही जहर घोलने वाली भी है. टीवी चैनल्स ने इस बात का कड़ा विरोध किया कि याकूब मेमन को फांसी नहीं होनी चाहिए. इस बीच टाइम्स ऑफ इंडिया के एक रिपोर्ट में नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी के एक अध्ययन में इसका जिक्र किया गया है कि फांसी पर लटकाए गए 94 फीसदी लोग दलित और मुस्लिम हैं.
इस पूरे मामले में यह बात भी साफ दिखाई पड़ती है कि बीजेपी के माया कोडनानी और बाबू बजरंगी जो कि याकूब मेमन के जैसे ही अपराधों में दोषी है लेकिन वे जमानत पर जेल तक से बाहर हैं.
 …भारत में मुस्लिम होना बड़ी बात है. इंटरनेट पर किसी भी आर्टिकल जिसमें ना केवल आतंकवाद बल्कि मुस्लिमों को विश्वासघाती बताया गया है उसपर आये हुए कमेंट्स को पढ़ने से आप कई बातों को जानेंगे और समझेंगे. हमारे अंग्रेजीदां मिडिल क्लास में कट्टरता और पूर्वाग्रह इस तरह हावी है कि वह भयावह हो चुके हैं…
 
...आकार पटेल की बात को आगे बढ़ाते हुए मैं यह कहना चाहता हूं कि आखिर बीजेपी या उसे पर्दे के पीछे से संचालित करने वाले क्या चाहते है...बीजेपी अगर राष्ट्रभक्ति के चक्कर में या पोलराइजेशन के चक्कर में यह सब कर रही है तो उसे बहुत बड़ा मुगालता है। इस पार्टी के कुछ नेता 35 करोड़ (अगर यह आंकड़ा सही है तो...) मुसलमानों को पाकिस्तान नहीं भेज सकते।...वे चाहे जो कर लें, गली-गली दंगे करा लें...जिन्हें पाकिस्तान जाना था वे जा चुके। मौजूदा लोग कतई नहीं जाएंगे और यहीं रहेंगे। 

...अलबत्ता, अगर इतनी बड़ी आबादी इस महान लोकतंत्र में खुद को असुरक्षित मान रही है तो यह मौजूदा सरकार के लिए भी कम खतरे की घंटी नहीं है।...यकीन मानिए आप भी शीशे के ही घर में रह रहे हैं।...एक लोकतंत्र में क्या देशभक्ति है और क्या राष्ट्रद्रोह इसका आकलन करने के लिए खुद को बदलना होगा।...जब आप सत्ता में नहीं थे तो आपकी बात भी तो लोग सुनते थे।...आज आप दूसरों की बात सुनना नहीं चाहते और उसे राष्ट्रद्रोही ठहरा देते हैं...सच मानिए, अगर आप कोई प्रयोग कर रहे हैं तो वह आगे चलकर बहुत महंगा पड़ने जा रहा है। मैंने नहीं, ...आकार पटेल ने इशारा कर दिया है...

Google Translation of this Article...


You are also Living in a Mirror House
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-By Yusuf Kirmani

What this great country of our own democracy here with some ax to choke ...

What we do some monkeys handed weapon which they are bent on cutting its own throat ...

Fresh Things are pointing to the side. This alone is not my concern. Pick up the newspaper ... see you on the TV news, social media platforms such as Facebook and Twitter-Hey ... You go on ... all around it seems that some are born blind patriot like mushroom and all of them together Jinjodna soul of this great country have taken the contract to ...

Yakub Memon, the criminals were found in the Mumbai blasts were executed. You Mumbai blasts that killed 257 people, but that criminal justice has also 8,000 people who attended the funeral of the governor of Tripura has expressed doubt ... he is saying that there may be potential terrorists ... these to be monitored ...

-Delhi Kirorimal College of Muzaffarnagar riots showed a documentary was being linked to union organization Akhil Bharatiya Vidyarthi Parishad and that it prevented him from showing the film is against national interests ...

... Supreme Court deputy registrar p. Surendranath resigned in protest against the death penalty. Times of India put the news on their website, so some people have showered abuses on him. Remember that Surendranath of Jacob rather moratorium on capital punishment is sought.
-alpasnkykon A threat to Pakistan many times have become so frequent that it would be foolish to mention ...

This morning was ... very PIP and inconsolable voice calling from Lucknow. ... The states ... What we are heading once again and sharing .... I was shocked .... call where, they are considered staunch patriot and secular .. My answer was ... you really felt any threat from the country's constitution and the court to which you are saying this kind of thing ... he said, maybe you have not read Tripura governor tweeted ... I could have said that he accidentally or on information're saying this ... but the caller was willing to debate, he said that the Governor or Chief Minister of Maharashtra says it makes sense then that Maybe they'd be intelligence but sitting governor in North East, why and how it got the information .... I did not respond to his words ....

-Then I remembered that night was the night of the verdict of execution of Yakub Memon. Nagpur Delhi late night and almost all news channels were live. The first report by a television reporter from Nagpur to live here, so it looks as if he was telling a scene and people running and shouting slogans like Bharat Mata ki Jai, which may lead to the atmosphere ....
Given the all-night photograph, my eye fell on a photo of the AP wire service, please do not print the photo on which was written, the Mumbai police has banned. ... Except for English newspaper published from Delhi to the AP agency dared to print the photos .... they engaged in censorship in the name of the newspaper that emergency Tesua shed today, they are silent or neutral are.

... Today, veteran journalist and columnist size Aakar Patel came article. In my view, every citizen of India should read the article .... few lines of the article intact, I am presenting here for you guys ....

"... This is the background to the Mumbai blasts. Yakub Memon hanging of such divisive society as well as to mix poison too. TV channels opposed this thing that Jacob should not hang Memon. Meanwhile, a report in The Times of India National Law University, a study that has been reported in 94 per cent of the Dalit and Muslim were hanged on the gallows.

... In this case, it also appears that the BJP Maya Kodnani and Babu Bajrangi Memon, like Jacob who is guilty of crimes, but they are out of jail on bail.

 ... To be Muslim in India is a big deal. Any article on the Internet, which not only terrorism but also told him disloyal Muslims who had come several things you will learn and understand from reading comments. English, bigotry and prejudice in our middle class has been the dominating that frightening ... "


So it is a big goof. The party leaders 35 million (if this figure is correct, then ...) Muslims .... They Whatever Pakistan can not, make sure to provide street-street riots ... they have had to Pakistan . People will not necessarily be present here and now...one what democracy is and what patriotism Rashtradroh to assess the need to change itself .... When you were not in power, people were listening to your talk .... Today you do not want to listen to others And let him hold national '... true, assume you are using a very expensive if it is going further. I did not ... size Aakar Patel has indicated ...