Monday, February 27, 2012

अमेरिका की हकीकतः गरीब अमेरिका और युद्ध का धंधा


American Realty:  Poor America and War of Business

अमेरिका दरअसल क्या है...एक ऐसा देश जहां दुनिया के हर कोने का बाशिंदा जाना चाहता है। अमेरिका की जो तस्वीर हमारे आपके जेहनों में उभरती है वह एक अति आधुनिक विकसित देश की है। तमाम आर्थिक मंदी (economic crisis) और वहां के बैंकों के डूबने के बावजूद, इराक-अफगानिस्तान में बुरी तरह पिटने या मात खाने के बावजूद वहां की मीडिया अमेरिका (US Media) की अभी भी जो तस्वीर पेश करता है, वह वहां तरक्की, दादागीरी, दूसरे देशों की जबरन मदद करने वाली है।...पर यह मिथक टूट रहा है। भारत और अमेरिकन मीडिया हालांकि चीजों को जबर्दस्त ढंग से छिपाते हैं लेकिन फिर भी कुछ चीजें तो बाहर निकल कर आ ही जाती है।

मेरे पास इधर दो ताजा विडियो क्लिक अमेरिका के ही कुछ जागरूक मित्रों ने यह कहते हुए भेजी कि अमेरिका के बारे में जो मिथ है, उसको इन्हें देखने के बाद दूर कर लीजिए। इसमें एक विडियो तो बीबीसी ने गरीब अमेरिका (Poor America a film by BBC) के नाम से बनाया है जो हमें अमेरिका की असलियत से रूबरू कराता है। दूसरा विडियो क्लास वॉर फिल्म (Class War Films) ने बनाया है। इस विडियो साफ-साफ बताया गया है कि अमेरिका का इरादा क्या है और वह क्या करना चाहता है।

दोनों ही विडियो में जो एक बात साफ दिखाई देती है कि अमेरिका ने पूरी दुनिया में जिस तरक्की या एक लोकतांत्रिक देश की अपनी जो छवि बनाई है, वह एक बहुत बड़ा धोखा है। वह युद्ध का धंधा (War of Business) कर रहा है, वह पूंजीवादी (Capitalism) साम्राज्य को बढ़ाने के लिए तमाम तरह के करतब कर रहा है, अमेरिका के बड़े कॉरपोरेट हाउस और अमेरिकी सेना (US Army) उसमें इसकी मदद कर रहे हैं। बदले में यह गिरोह दूसरे देशों के संसाधनों पर कब्जा करके अपनी तिजौरी भर रहा है। यही उसने इराक में किया, यही उसने अफगानिस्तान-पाकिस्तान में किया, यही वह भारत में दूसरे तरीकों से करने में जुटा है। वह चीजों का ताना-बाना इस ढंग से बुन रहा है कि उसके विरोधी गुट के देश चीन, ईरान, उत्तरी कोरिया, क्यूबा, अर्जेंटीना किसी भी तरह तबाह हो जाएं या उसके झंडे के नीचे आ जाएं। लेकिन ऐसे मंसूबों में कई बार कुछ छोटे देश कोई न कोई रुकावट डाल देते हैं।

इस पोस्ट में अमेरिका के बारे में काफी कुछ कहा और बताया जा सकता है लेकिन उस बात को विस्तार दिए बिना, पेश है दोनों विडियो। आप तय कीजिए, आप कहां खड़े हैं, किसके साथ हैं, जो लोग अमेरिका में आकुपाय वॉल स्ट्रीट जैसा कैंपेन चला रहे हैं, जरा उनसे अपनी तुलना करके देखिए।

अगर भारत के कुछ राजनीतिक दल अमेरिका का समर्थन या विरोध आज भी मजहब के नाम पर करते हैं तो उनके तमाम सवालों के जवाब दोनों विडियो में मिल जाएंगे।  


 




...और यह है गरीब अमेरिका...बीबीसी का विडियो
 








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