आर्थिक मंदी में ईद मुबारक



इस कविता के जरिए मैं आप सभी को तमाम किंतु-परंतु के साथ ईद, नवरात्र और विजय दशमी की मुबारकबाद देना चाहता हूं।


आर्थिक मंदी के इस दौर में
महंगाई और बेरोजगारी के अंधकार में
पेशेवर पत्रकारिता के बाजारवाद में
कुछ रंगे सियारों से संघर्ष के फेर में

मुट्ठी भर आतंकवादियों की हरकतों के बीच में
भगवा ब्रिगेड की विष वमन की पॉलिटिक्स में
मोदी मार्का जिनोसाइड के खेल में
पर, प्राइम मिनिस्टर इन वेटिंग से निजात में

और हां, अमेरिकी कुटिल चालों के जाल में
मासूम फिलिस्तीनी बच्चों की सिसकारी में

और कुल मिलाकर
मैडम सोनिया व मनमोहन की सदारत में
आपको ईद मुबारक हो

Comments

Udan Tashtari said…
आपको ईद मुबारक हो
sarita argarey said…
बाकी सब तो ठीक है लेकिन सदारत का कोई नामोनिशान दिखाई देता नहीं । वरना बेरोज़गारी , महँगाई , गरीबी जैसे मुद्दों पर आपको यूँ ना कहना पड़ता । बहरहाल ये सब तो चलता ही रहता है । हम भारतीय कैटल क्लास को इसकी आदत सी पड़ चुकी है । इस सबके बीच आपको ईद की मुबारकबाद । सैवयाँ सी मिठास आपके जीवन में भी घुले ।
Yusuf Kirmani said…
आप सभी लोगों को ईद की हार्दिक बधाई।
Minoo Bhagia said…
aaloo ....20-30 rupaye kilo
tamatar ..20-30 rupaye kilo
apple ....100-150 rupaye kilo

id mubarak ho !

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