Friday, February 27, 2009

ब्लॉगिंग पर खतरा...चर्चा जारी है

ब्लॉगिंग पर मंडरा रहे खतरे को लेकर तमाम लोगों ने यहां और अन्य जगहों पर अपनी चिंता जाहिर की है। लेकिन एक बड़ा वर्ग ऐसा भी है जो चाहता है कि अगर अनाप-शनाप ब्लॉगिंग पर अदालत या उसकी आड़ में सरकार किसी तरह का नियंत्रण करती है तो उसमें बुराई नहीं है। इन लोगों का यह भी कहना है कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का मतलब यह नहीं है कि आप किसी के खिलाफ कुछ भी लिख दें या आरोप लगा दें या प्रोपेगंडा करें।
लेकिन इस मुद्दे के अलावा और तमाम बातें और मुद्दे हैं, जिन पर इसी के साथ-साथ आगे बढ़ना जरूरी है। फिर भी अगर कोई इस चर्चा को जारी रखना चाहता है तो वह अपनी टिप्पणी अथवा लेख के जरिए इस ब्लॉग पर जारी रख सकता है। तब तक हम लोग कुछ और मुद्दों की तरफ बढ़ते हैं लेकिन यह मुद्दा अभी बरकरार है।...

2 comments:

sangita puri said...

यह तो सही नहीं ही है कि अभिव्‍यक्ति की स्‍वतंत्रता के नाम पर आप कुछ भी लिख दे .... यदि कोई सीमा तय की जा रही तो इसमें बुराई क्‍या है।

222222222222 said...

अब ज्यादा चर्चा न करिए नहीं तो यह भी 'पिंक पैंटी' जैसी बन जाएगी।